वीरता-से भरी बेटियां
ये है भारतवर्ष की बेटियों का कमाल! एशिया कप टी-20 में पाकिस्तान जैसी
चिरप्रतिद्वंद्वी टीम को परास्त कर चैम्पियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम
की खिलाडिय़ों ने अपनी शक्ति व शौर्य का नायाब प्रदर्शन कर भारतीय महिला खेल
का डंका न केवल एशिया महाद्वीप वरन् पूरी दुनिया में बजा दिया है। ऐसे समय
में जबकि राष्ट्रीय स्तर की एक शूटर खिलाड़ी ने अपने ही कोच पर दुष्कर्म
का आरोप लगाया है और भी जाने कितने ही हरास्मेन्ट के केसेस सुनने को मिले
हैं जिससे लगता रहा है, कि खेलों के क्षेत्र में महिलाओं की राहें उतनी
आसान नहीं जितनी की समझी जाती हंै। लेकिन इन सबके बीच भी महिला खिलाडिय़ों
द्वारा लगातार सफलता के परचम लहराने के किस्से भी प्रेरणा-से भरे देते हैं।
कितनी सुन्दर बात है, कि उन्हें हर बार गिराने की कोशिशे होती हैं, तब भी
वे बारम्बार हंसती हुई उठ खड़ी होती हैं। ये भारतवर्ष की बेटियां ही हैं
जिन्होंने कठिन समय में अपना उत्साह बनाए रखा और लगातार कामयाबी की सीढिय़ां
चढ़ती रहीं। भारतवर्ष के हर क्षेत्र में आज महिलाएं अपना शौर्य दिखा रही
हैं, यहां तक, कि सेना में भी उनकी दमदार उपस्थिति कम बड़ी बात नहीं।
स्वतन्त्रता दिवस के परेड में लाल किले पर उनके दमदार करतब और कदमताल की
गूंज आज भी दुनिया में गूंजायमान है।
एशियन क्रिकेट में पाकिस्तान-से हुई खिताबी भिड़न्त को लेकर बहुत-से कयास लगाए जा रहे थे। यहां तक कहा गया, कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछड़ जाएगी। जबकि देखा जाए तो भारतीय टीम कोई मैच हारी नहीं और इससे पहले फाइनल तक के सफर में पांचों मैचों में विजय हासिल करती गई। महिला खिलाडिय़ों ने ऐन वक्त पर जिस तरह का लांगशॉट और गुगली के करतब दिखाए उससे तो पाकिस्तान चारों खाने चित्त हो गया। प्लेयर ऑफ द टुर्नामेन्ट बनीं मिताली राज की 72 रनों की पारी और स्पीनर एकता बिस्ट के द्वारा चटकाए गए 2 विकेटों को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।
जहां तक भारतवर्ष में महिला खिलाडिय़ों का सवाल है, तो इस पर ध्यान लगाने की जरूरत है। कारण, कि विश्व स्तरीय प्रतिभाएं हमारे बीच हैं लेकिन उनकी कोई पूछ-परख नहीं है! कइयों बार पता चला है, कि महिला खिलाडिय़ों के साथ नाइन्साफियां होती रही हैं लेकिन हर बार उनकी अनेदेखी की गई। भारत की बेटियों पर हमें नाज है, उन्हें खेलों के क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं और अवसर मिलना ही चाहिए।
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एशियन क्रिकेट में पाकिस्तान-से हुई खिताबी भिड़न्त को लेकर बहुत-से कयास लगाए जा रहे थे। यहां तक कहा गया, कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछड़ जाएगी। जबकि देखा जाए तो भारतीय टीम कोई मैच हारी नहीं और इससे पहले फाइनल तक के सफर में पांचों मैचों में विजय हासिल करती गई। महिला खिलाडिय़ों ने ऐन वक्त पर जिस तरह का लांगशॉट और गुगली के करतब दिखाए उससे तो पाकिस्तान चारों खाने चित्त हो गया। प्लेयर ऑफ द टुर्नामेन्ट बनीं मिताली राज की 72 रनों की पारी और स्पीनर एकता बिस्ट के द्वारा चटकाए गए 2 विकेटों को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।
जहां तक भारतवर्ष में महिला खिलाडिय़ों का सवाल है, तो इस पर ध्यान लगाने की जरूरत है। कारण, कि विश्व स्तरीय प्रतिभाएं हमारे बीच हैं लेकिन उनकी कोई पूछ-परख नहीं है! कइयों बार पता चला है, कि महिला खिलाडिय़ों के साथ नाइन्साफियां होती रही हैं लेकिन हर बार उनकी अनेदेखी की गई। भारत की बेटियों पर हमें नाज है, उन्हें खेलों के क्षेत्र में पर्याप्त सुविधाएं और अवसर मिलना ही चाहिए।
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